Monday, June 6, 2011

आज के कि‍शोर, कंजूस का परोपकार और शराबी

एक कि‍शोर देर रात घर पहुंचा।
पि‍ता ने पूछा - कहां थे बेटा
बेटा बोला - दोस्त के घर पर था पिता जी ।
पिता ने उसके 10 दोस्तों के घर फोन किया।
4 ने जवाब दिया यहीं पर था अंकल।
3 ने जवाब दिया बस अभी निकला है अंकल घर पहुंचता ही होगा।
2 बोले - यहीं पर है अंकल पढ़ रहा है, फोन दूं क्या?
1 ने तो हद ही कर दी, बोला - "हाँ पापा बोलो क्या हुआ?"

-----------------------0-----------------------
एक कंजूस अपने दोस्त से बोला -  आज मैंने एक भिखारी की जान बचाई।
दोस्त हैरान होकर बोला -  वो कैसे ?
कंजूस - मैंने भि‍खारी से कहा कि अगर मैं तुम को 1000 रू. दू तो क्या होगा?
भिखारी ने कहा कि मैं खुशी से मर जाऊंगा।.... इसलिए मैंने उसकी जान बचाने के लिए उसे1000 रू नहीं दिये।
-----------------------0-----------------------

तीन शराबियों ने एक टैक्सी रोकी।
ड्रायवर समझ गय तीनों टुन्न हैं। उसने शराबियों को गाड़ी में बैठाया, गाड़ी स्टार्ट की और थोड़ी देर बाद बंद बोला - लो साहब हम पहुंच गये।
एक ने पैसे दिये और दूसरा बोला थेंक यू, लेकिन तीसरे ने उसे एक जोरदार थप्पड़ रसीद किया।
ड्रायवर समझ गया कि ये नशे में नहीं है, चालाकी ने काम नहीं किया। लेकिन तभी तीसरा बोला - साले आराम से चलाया कर, मरवा देता आज तो।


4 comments:

  1. हा हा हा .. बहुत खूब !
    मेरी नयी पोस्ट पर आपका स्वागत है : Blind Devotion - स्त्री अज्ञानी ?

    ReplyDelete
  2. सुन्दर ,मनोहर .आभार .

    ReplyDelete

फोलो करेंगें तो आपके डेशबार्ड पर चुटकुले तुरन्‍त पहुंच जायेंगे।