Thursday, November 25, 2010

पुराने चुटकुले का नया ठहाका


पुराना चुटकुला
एक लड़का बस स्‍टॉप पर एक लड़की को तंग करने लगा, तो लड़की तैश में आकर बोली - क्यों तुम्हारे घर पर माँ, बहन नहीं हैं क्या?
लड़का बोला - हां, माँ बहन ही तो हैं इसलिए तो बाहर आकर तुमसे फ्लर्ट कर रहा हूं।

नया चुटकुला
एक लड़का बस स्‍टॉप पर एक लड़की को तंग करने लगा, तो लड़की तैश में आकर बोली - क्यों तुम्हारे घर पर माँ, बहन नहीं हैं क्या?
लड़का बोला - नहीं।
लड़की - तो यहाँ पर खड़े खड़े टाईमपास क्यों कर रहे हो, चलो घर पर ही चलते हैं ना।

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संता अपने मित्र से - मेरी पत्नि का कल देहान्त हो गया। मैंने लाख रोना चाहा पर मेरी आंखों से आंसू ही नहीं निकले।
बंता - लो इसमें क्या बड़ी बात है, तुम्हें ये कल्पना करनी थी कि वो अभी अभी वापिस लौट आने वाली है।
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एक लड़का बस स्‍टॉप पर एक लड़की को तंग करने लगा, तो लड़की तैश में आकर बोली - लगता है तुम्‍हें मेरी चप्‍पल का नम्‍बर नहीं पता। 
लड़का बोला - तुम लड़कि‍यों की ये बड़ी आफत है, अभी दोस्‍ती प्‍यार व्‍यार तो शुरू हुआ नहीं, तुमने फरमाइशें पहले ही शुरू कर दीं।
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दफ्तर में एक प्रिंटर खराब हो गया। संता ने जब पास के ही सर्विस सेन्टर में फोन लगाया तो वहां के मैकेनिक ने कहा - मुझे लगता है प्रिन्टर में मामूली साफ-सफाई की जरूरत है, आप प्रिन्टर का मैनुअल पढ़िये और सफाई कर लें, ठीक ना होने पर हम शीघ्र ही आ जायेंगे।
संता ने कोशिश की और प्रिन्टर ठीक नहीं हुआ तो सर्विस सेन्टर के मैकेनिक बंता को बुला कर प्रिन्टर ठीक करवा लिया गया।
संता ने बंता मैकेनिक से पूछा अगर मुझसे ही प्रिन्टर ठीक हो जाता तो तुमने जो रकम कमाई है वो मारी जाती।
बंता - ना जी बादशाओ, मुझे तो मशीन ठीक करने में मजा ही नहीं आता जब तक लोग खुद ही प्रिन्टर खोल कर उसे मेरे लायक लायक खराब नहीं कर देते, इससे ही तो मेरी कमाई हो पाती है।

Tuesday, November 23, 2010

ब्‍याहों की मजबूरि‍यॉं और कुंवारों के फैशन


पुलिस वाला पार्क में बैठे एक जोड़े से- क्यों भाई रात होने वाली है पार्क में ऐसे क्यों बैठे हो?
संता - हम दोनों शादीशुदा हैं जी!
पुलिस वाला - तो घर क्यों नहीं जाते, घर जाकर बैठो-लेटो हमें क्या?
संता - अजी यहां आप नहीं मानते.... वहां इसका पति और मेरी पत्नी कैसे मानेगी?
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माँ बाप बेटे से -
सन 1940
बेटा अपनी जाति की लड़की से ही शादी करना।
सन 1950
बेटा अपने बराबर के खानदान में ही शादी करना।
सन 1980
बेटा अपने देश की लड़की से ही शादी करना।

सन 2000
बेटा अपने धर्म वाली लड़की से ही शादी करना।

सन 2010
बेटा लड़की से ही शादी करना।
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पत्नी एक गन स्टोर में- जी मुझे अपने पति के लिए एक रिवाल्वर खरीदना है।
दुकानदार  - जी आप अपने पति की पसंद बतायेंगी, यानि किस ब्रांड नेम का?
पत्नी - किसी भी कंपनी का चलेगा जी बस मेरा पति दो गोलियों में ही ढेर हो जाना चाहिये।

Saturday, November 20, 2010

मौत के जश्‍न और रोने

एक पति अपनी पत्नी की अर्थी लेकर जा रहा था। अर्थी के आगे एक कुत्ता चल रहा था और अर्थी के पीछे कई सौ आदमियों की लम्बी लाईन भी चल रही थी।
1 आदमी ने आकर पूछा - भाई ये सब कैसे हुआ?
पति - ये जो कुत्ता सामने चल रहा है ना... इस कुत्ते ने काट लिया और मेरी पत्नी का देहांत हो गया।
वो आदमी बोला - क्या तुम एक दिन के लिए ये कुत्ता मुझे दे दोगे?
पति - तुम क्या समझते हो ये जो भीड़ चल रही है मेरी पत्नी के दाह संस्कार में शामिल होने आई है, ये सब इस कुत्ते को लेने आये हैं। जाओ, और पीछे लाईन में लग जाओ।

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संता श्मशान घाट में दहाड़े मार कर रो रहा था -  हे भगवान! तुम्हारी जगह भगवान मुझे उठा लेता, तुम क्या गये.. मेरी जिन्दगी बर्बाद हो गई। मेरी जिन्दगी नरक हो गई है, हाय! मैंने अपने पैरों पर खुद ही कुल्हाड़ी मार ली।
एक व्यक्ति को संता के इस विलाप पर बड़ी सहानुभूति हुई। वो बोला - क्या हुआ भाई? कौन था मरने वाला - तुम्हारा बच्चा था? रोगी था? तुम्हारी पत्नि या प्रेमिका...?
संता- कुछ ना पूछो यार! ये जो मर गया है मेरी पत्नी का पहला पति था।

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दो पठानो में लड़ाई हो गई।
पहला पठान - हम तेरा कपरा फार के तुमको नंगा कर देगा....
दूसरा पठान - ओए खोचे! सीरियस लराई में रोमेन्टिक बातें मर खरो।

Friday, November 19, 2010

एमबीए पास युवक और शौचालय की गलतफहमी

एक एमबीए पास युवक (चपरासी से) बोला - मेरे पास डिग्री है, नॉलेज है, चार लोगों में इज्जत है, तुम्हारे पास क्या है?
चपरासी - मेरे पास नौकरी है...जॉनी।
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सार्वजनिक शौचालय में बैठे आदमी को साथ वाले टॉयलेट से आवाज आयी -  क्या हाल हैं?
ये  घबराया ..पर फिर बोला - ठीक हूं।
आवाज आयी - क्या कर रहे हो?
ये बोला - तुम्हारी तरह बैठा हुआ हूं।
आवाज आय - मैं आ जाऊं अभी तुम्हारे पास?
ये बहुत घबराया सा बोला - नहीं ।
आवाज आयी - यार मैं तुमको बाद में कॉल करता हूं... पता नहीं कौन बदतमीज दूसरे टॉयलेट से मेरी हर बात का जवाब दे रहा है।
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राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार से सम्मानित होने पर मुल्ला नसरूद्दीन की बीवी से जब पूछा गया कि - आपने कैसे उस दिन उस खूंखार डाकू को आधी रात में घर में घुसने पर मार मार कर अधमरा कर दिया,
शाजिया बी बड़ी ही सहजता से बोलीं - वो बस गलतफहमी हो गई जी, मैंने सोचा आज फिर मुल्ला दारू पी कर देर से घर लौटा है।
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आर्ट गैलरी में एक प्रौढ़ युगल आया। एक प्रदर्शित चित्र में एक र्निवस्त्र युवती को मात्र दो पत्तों से ढंका गया था। पति जब काफी देर तक इस चित्र को बड़ी गंभीरता से देखते रहे तो पत्नि बोली - अब चलो भी, कि हवा के झोंके के आने का इंतजार करते रहोगे।

Thursday, November 18, 2010

लॉजिस्टिक्स एंड आर्गेनाइजेशन विषय का सर्वोत्‍तम प्रश्‍न

लॉजिस्टिक्स एंड आर्गेनाइजेशन विषय का एक छात्र फेल होने पर अपने प्रोफेसर के सामने उपस्थित हुआ।
छात्र - सर क्या आप वाकई इस विषय के बारे में उतना ही गहरी समझ रखते हैं जितनी गंभीरता से आप क्लास में पढ़ाते दिखते हैं?
प्रोफेसर - यह निहायत ही सही बात है, अगर ऐसा नहीं होता तो मुझे प्रोफेसर बनाया ही ना गया होता।
छात्र -  ठीक है सर! तो मैं आपसे एक प्रश्न करना चाहता हूं। अगर आपने इसका सही उत्तर दिया तो मैं उन अंकों को ही मान लूंगा जो आपने मुझे परीक्षा में दिये हैं पर अगर आप इस प्रश्न का उत्तर ना दे पाये तो आपको मुझे रिजल्ट बदलकर, ए ग्रेड देना होगा।
प्रोफेसर - ठीक है... यह तय रहा, अब प्रश्न बताओ?

छात्र -  सर बतायें कि क्या एक साथ वैधानिक है पर तर्कसम्मत नहीं है, तर्कसम्मत है पर वैधानिक नहीं है और ना तो तर्कसम्मत है और ना ही वैधानिक।
काफी सिर खुजाने के बाद भी प्रोफेसर को उत्तर ना मिला और उसे छात्र को ए ग्रेड से पास करना ही पड़ा।
प्रोफेसर ने कई महीनों इस बात पर पर मगज खपाया पर उत्तर ना पाया। एक दिन कक्षा में पढ़ाते पढ़ाते उन्होंने कक्षा के सबसे होनहार बुद्धिमान छात्र से यही प्रश्न किया।
छात्र - ने तुरंत ही जवाब दिया-
सर आपकी उम्र 63 वर्ष है और आपने अपने से आधी उम्र यानि 32 वर्ष की महिला से विवाह किया है यह वैधानिक है पर तर्कसम्मत नहीं है। आपकी पत्नि का 25 वर्ष उम्र का एक प्रेमी है ये तर्कसम्मत तो है पर वैधानिक नहीं है। तथ्य यह है कि आपने अपनी पत्नि के प्रेमी को ए ग्रेड दे दिया है जो कि ना तो वैधानिक है और ना ही तर्कसम्मत।

Saturday, October 30, 2010

भि‍खारि‍यों ने बढ़ायी महंगाई, श्‍मशेर टाटा की जि‍म्‍मेवारी और चमगादड़ का घाव

इंटरव्यू के लिए आये व्यक्ति का ब्यौरा देखने के बाद श्मशेर टाटा बोले - मुझे इस काम के लिए एक जिम्मेदार आदमी की तलाश है...
झंडू प्रसाद बीच में ही टोकते हुए - सर! मुझसे जिम्मेदार व्यक्ति आपको कहीं नहीं मिलेगा। जिस कंपनी में पहले काम करता था, वहां हर बिगड़े हुए काम के लिए मुझे ही जिम्मेदार ठहराया जाता था।
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टीचर चिंटू से - क्या इस होमवर्क में तुमने पापा की हैल्प ली है?
चिंटू - नहीं टीचर, ये होमवर्क पूरी तरह से पापा ने ही किया है।
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डॉ  मरीज से - तुम्हारे लिए एक अच्छी खबर है और एक बुरी खबर।
मरीज - अच्छी खबर पहले सुनाइये डॉ साहब।
डॉ  - तुम्हारे जिन्दगी के आखिरी 24 घंटे ही बचे हैं।
मरीज - तो बुरी खबर क्या है डॉ साहब।
डॉ  - ये बात मुझे तुम्हें कल बतानी थी।
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रेस हो रही थी। चेलारमानी बोले - ये लोग किसके लिए दौड़ रहें हैं?
संचालक - ये लोग विश्वकप के लिए दौड़ रहे हैं?
चेलारमानी- कप किसे मिलेगा ?
संचालक - जो सबसे तेज दौड़ेगा।
चेलारमानी - तो बाकी लोग क्यों दौड़ रहे हैं?
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झुमरू - डॉ रात को सोते समय मुझे चमगादड़ ने गले में काट खाया है, देखिये यहां....
डाक्टर ठीक है - ये जग लीजिए और जितना हो सके पानी पीजिये।
झुमरू - क्या पानी से घाव ठीक हो जायेगा डाक्टर साहब
डाक्टर - नहीं इससे यह पता चल जायेगा कि कहीं तुम्हारे गले में छेद तो नहीं हो गया।
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पति - कोई फोन आये तो कहना मैं घर पर नहीं हूं।
फोन आया, पत्नि ने उठाया और बोली - ये अभी घर पर ही हैं।
फोन रखने के बाद पति बोला - तुमसे कहा था ना मना कर देना, फिर तुमने क्यों कहा कि मैं घर पर ही हूं।
पत्नि - जी आपके लि‍ये नहीं, ये कॉल तो मेरे लिये था।
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भिखारी - भूख लगी है मालिक, कुछ खाने को दे दो.... बासी सब्जी रोटी भी चलेगी साहब या आटा ही दे दो।

साहब - तुम नहीं जानते महंगाई कितनी बढ़ गई है, अब आटे के भाव ही लो, चक्की वाले ने आटा 18 रू किलो कर दिया है।
भिखारी - ठीक है साहब! मैं आज ही उसकी खबर लेता हूं वो तो मुझसे पुराने रेट पर ही आटा ले रहा है।
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जू के एक कर्मचारी ने दूर से देखा कि संता जैसे ही अपने बच्चों के साथ शेर के पिंजरे के आगे गया तो शेर मारे गुस्से से गुर्राया, चिल्लाया और कुछ ताकतवर कोशिशों के बाद बाहर निकल आया। उसने बच्चों को तो छोड़ दिया पर संता की टांग चबा डाली। जैसे तैसे करके संता को बचाया गया।
बाद में उस कर्मचारी को पता चला कि शेर ने संता को क्यों काटा क्योंकि वो बच्चों शेर की जानकारी देते वक्त बार-बार बता रहा था - "देखो इतनी बड़ी बिल्ली कहीं नहीं होती।"
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संता ने एक लड़की को प्रोपोज किया तो लड़की बोली - मैं तुमसे दो साल बड़ी हूं।
संता - तो क्या हुआ.. मैं इंतजार कर लूंगा,  हम दो साल बाद शादी कर लेंगे।
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लेबड़राम के तीन बच्चे थे उसने 4 बच्चों वाली विधवा सीमा परिहार से शादी कर ली। शादी के 3 साल में ही 3 और पैदा हो गये।
एक दिन लेबड़राम दफ्तर गया हुआ था - तो सीमा का फोन आया, अगर जल्दी घर आ जाओ तो बहुत ही अच्छा है ....मेरे और तुम्हारे बच्चे मिलकर हमारे बच्चों को पीट रहे हैं, मुझे समझ नहीं आ रहा मै क्या करूं।

Saturday, October 23, 2010

संता बंता की भलाई और घि‍स्‍सूमल की घि‍साई

संता बंता और उसके भाई बंधु एक महात्मा के प्रवचन सुनकर उससे बड़े प्रभावित हुए। सबने मिलकर सोचा कि दुनियां तो फानी है, जिन्दगी आनी जानी है इसलिए दुनियां में कुछ भलाई के काम कर जाना चाहिए।

अगले ही दिन संता, बंता, नत्था, फट्टा सिंह और अन्य सारे सम्बंधीजन मिले। प्रस्ताव रखा गया कि गुरूद्वारे के पीछे पड़ी खाली जमीन पर गन्ने बोये जायें। इससे गुरूद्वारे में आने वाले लोग गन्ने खा सकेंगे, गन्ने का रस पी सकेंगे और शुगर मिल में गन्ने सप्लाई करके आमदनी भी हो जायेगी।
इस पर सब सहमत थे पर जत्था सिंह ने एक विध्नबाधा का उल्लेख किया कि इस जमीन के पास ही दलितों की बस्ती है। गन्ने बोये गये तो वो खेत को मलमूत्र त्याग की जगह बना लेंगे, गन्ने तोड़ के ले जाया करेंगे और बर्बाद करेंगे।
उसी रात अचानक नत्था सिंह, फट्टा सिंह के 25 पचास रिश्तेदार इकट्ठे हुए और उन्होंने दलितों की बस्ती में आग लगा दी।
बस्ती धू धू करके जलने लगी, लोग त्राहि त्राहि कर भाग खड़े हुए। देखते ही देखते बस्ती श्मशान में तब्दील हो गई।
सुबह दलितों की बस्ती से एक व्यक्ति दौड़ता हांफता गुरूद्वारे के संचालक ग्रंथी के पास आया और बोला - महाराज क्या आपका धर्म यही शिक्षा देता है।
ग्रन्‍थी बोला - और तोड़ो गन्ने .... और जाओ खेतों में हगने मूतने, बुरे काम के बुरे नतीजे तो भुगतने ही पड़ते हैं।
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कंजूस - हस्सूमल दरियानी को बूढ़े होने पर लगा की स्किन पर झुर्रिया पड़ रही हैं प्लास्टिक सर्जरी करवा लेनी चाहिये और वो डॉक्‍टर के पास गया।
हस्सूमल - डॉ. साहब प्लास्टिक सर्जरी पर कितना पैसा लगेगा।
डॉक्‍टर - पांच लाख रूपये।
हस्सूमल - क्यों कम में काम नहीं हो सकता, अगर प्लास्टिक मैं ही ले आऊं तो?
डॉक्‍टर - फिर तो जी कुछ भी नहीं लगना।
हस्सूमल - वो कैसे डॉक्‍टर साहब।
डॉक्‍टर - आप ही प्लास्टिक लाना और गर्म करके चिपका भी लेना।

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एक पगले को प्यास लगी उसने गली के पास ही एक गड्ढा देखा जहां पानी का पाईप लीक कर रहा था और गड्ढे में पानी भरा था।
तभी तरला दलाल वहां से गुजरीं और 21वीं सदी में मानव की ऐसा हालत देख बोली - भई! ये पानी बहुत गंदा है, यहां से पानी मत पियो, मैं तुम्हें अपने घर से पानी लाकर देती हूं।
पागल बोला - नहीं जी आप झूठ बोल रही हैं।
तरला दलाल - मैं क्यों झूठ बोलूंगी तुमसे, तुम्हें कैसे लगा कि मैं झूठ बोलती हूं।
पागल बोला - तो बताओ आपका जन्म किस दिन हुआ था।
तरला दलाल - रविवार को।
पागल - देखा मैंने कहा था ना आप बहुत झूठ बोलती हैं, रविवार को तो छुट्टी होती है।
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हि‍न्‍दूमुस्‍िलमसि‍क्‍खईसाई सबने सामूहि‍क प्रयास कर एक बस खरीदी। लॉंचिंग वाले दि‍न हि‍न्‍दू ने बस के अगले भाग पर ति‍लक कि‍या नारि‍यल फोड़ा, ईसाई ने क्रास का चि‍न्‍ह लटका दि‍या, सि‍क्‍ख ने बस के पि‍छाड़े पर लि‍खा - "बुरी नजर वाले तेरे बच्‍चे जि‍ये, बड़े होकर गांजा अफीम और सभी तरह के नशे पि‍यें" पर सबको तब बड़ी हैरानी हुई जब मुसलमान भाई से साइलेंसर की नली 1 इंच काट दी।